swatantra ayog ke karyon ko niyantran nahi kar sakte high kort
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नीरज कुमारी ‘विष्णु’
लखनऊ। इलाहबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि वह राज्य सूचना आयोग द्वारा अपने पारित किये गए आदेशों की प्रति 15 दिन बाद दिए जाने के आदेश में कोई अनियमितता नहीं पा रहा है। जस्टिस शबीहुल हसनैन तथा जस्टिस राज्य रॉय की बेंच ने यह आदेश एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर की याचिका पर दिया, जिसमे कहा गया था कि पारित आदेश की प्रति देने में 15 दिनों का समय बहुत लम्बा समय है, जिसे कई बार 15 दिन और बढ़ा दिया जाता है, जो बहुत अधिक है।
कोर्ट ने कहा कि उनके समक्ष ऐसा कोई मामला नहीं रखा गया है जिसमे कई गलती की गयी हो। कोर्ट ने कहा कि वह एक स्वतंत्र आयोग के कार्यों पर नियंत्रण नहीं रख सकता क्योंकि हर आयोग की अपनी समस्याएं तथा सीमायें हैं। कोर्ट के अनुसार इस मामले में किसी स्पष्ट विधिक अधिकार के उल्लंघन की बात नहीं कही गयी है. कोर्ट ने ऐसी याचिका दायर किये जाने को कोर्ट का समय बर्बाद करना बताया।

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