ऑनलाईन टिकट बुकिंग की जांच को दल गठित
ऑनलाईन टिकट बुकिंग की जांच को दल गठित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में आनलाईन टिकट आरक्षण सम्बन्धी अनियमितता के प्रकरण में सुरक्षा की दृष्टि से उपमुख्य लेखाधिकारी-आडिट के नेतृत्व में एक दल गठित कर समानान्तर परीक्षण प्रारम्भ कर दिया गया है, जो कि शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। हालांकि मामला मीडिया द्वारा संज्ञान में लाए जाने के बाद 50 ट्रांजेक्शनों को प्रथम दृष्टया परीक्षण योग्य पाकर इसकी जांच की गयी है।

दरअसल मीडिया में कहा गया था कि साइबर अपराधियों ने गेट-वे पेमेंट को हैक कर गड़बड़ी की है। मीडिया की खबरों का संज्ञान लेकर इस सम्बन्ध में 03 जुलाई के ट्रांजेक्शन की स्थिति का परीक्षण किया गया, जिसमें से फेल दिख रहे 50 ट्रांजेक्शनों को प्रथम दृष्टया परीक्षण योग्य पाकर इसकी जांच की गयी। विभाग की ओर से बताया गया कि मामले की विवेचना के लिए एचडीएफसी बैंक की टीम को भी शामिल किया गया।

जांच में पाया गया कि इन 50 ट्रॉजेक्शनों में 27 टिकटों की धनराशि यूपीएसआरटीसी को ससमय प्राप्त हो गयी थी तथा शेष 23 टिकटों की धनराशि में 18 बैंक ऑफ इण्डिया के, 04 एचडीएफसी वीसा कार्ड के और 01 सारस्वत बैंक लिमि के हैं, जिसकी जॉच चल रही है। आनलाईन टिकट बुकिंग सिस्टम में पूर्व से निर्धारित व्यवस्था के तहत गेट-वे सेवा प्रोवाइडर (एच0डी0एफ0सी0) तीसरे दिन ट्रांजेक्शन पूर्ण करता है। अतः शेष 23 ट्रांजेक्शनों की स्थिति में भी यदि अनियमितता है तो इसका कल तक मिलान हो जायेगा।

यात्रियों के लिए गेट-वे सेवा पूर्व की भॉति 04 जुलाई की सांय से ही उपलब्ध है। प्रकरण की सक्षम एवं सूक्ष्म जॉच के लिए परिवहन निगम द्वारा स्थानीय थाना वजीरगंज में ही प्रथम सूचना रिपोर्ट भी 04 जुलाई को दर्ज करा दी गयी। हालांकि अब परिवहन निगम द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा की दृष्टि से उपमुख्य लेखाधिकारी-आडिट के नेतृत्व में अपनी संतुष्टि के लिए एक दल गठित कर समानान्तर परीक्षण प्रारम्भ कर दिया गया है, जो कि शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

 

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